आज का बगत हम लोग अपणा जीवनों तैं अगनै बडौंणु खुणी पिछनै कि चीजों तैं भुलणा छां, हम लोग इथगा ब्यत ह्वे गयां कि अपणा लोगु खुणी भि बगत नि निकालणा छां, 

मेरा  कुछ ख्याल अर सवाल छिन जु आप लोगु तैं बताण अर ऊंको जबाब देण होलु,

क्या तुम जणदा छा हमरा गढ़वाल खुणी कथगा लोग सहीद हवेनि?

क्या तुम जणदा छा हमरा गढ़वाल का लोगु को इतिहास क्या च?

क्या तुम जणदा छां हमरा रीती रिवाज कथगा साल पुरणा अर कख बटि अयां छिन,

अर अगर आप लोग यों सब बातों का बारा मा जणदा छां, त ईं बात को यु मतलब ह्वे कि आप लोग अगनै त बड़ी गयां मगर आप लोगु न अपणी संस्कृति तैं नि छोड़ी,

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