क्या आज हम लोग अपणी बोलि भाषा अर अपणा रीती रिवाजों तैं भुलणा छां?
मेरा उत्तराखण्डी भै-बैणों, गढ़वळी बोलि की ईं वेबसाइड मा हम आप सभ्यों को स्वागत करद्या।
हमरि ईं वेबसाइड मा आप तैं हमरि गढ़वळी संस्कृति का बारा मा गढ़वळी गीत अर विडियो
अर गढ़वळी बोलि की वणमाला का बारा मा देखणु कू मिललु।
आज को वचन
तब मि राजा ऊं तैं जवाब दयालो मि तुम मा सच बुल्णु छौं कि तुम ल जु मेरा यूं छुटा से छुटा मेरा चेला विश्वासी भयों मा बट्टी कै एक का दगड़ा भि कैरी उ सब मि ही दगड़ी कैरी।