हिमालय

क्या आज हम लोग अपणी बोलि भाषा अर अपणा रीती रिवाजों तैं भुलणा छां?  

हिमालय

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ब्यो

आज को वचन

जब कै आदिम कि अजमैश हो, त तब उ इन नि बोलु, कि पिता परमेश्वर मि तैं अजमौणु च; किलैकि पिता परमेश्वर कु बुरी बातों बट्टी कै भि ढंग को लींण-दींण नि च, अर न ही पिता परमेश्वर कै तैं अजमैश मा डल्द। पर हर एक आदिम अपड़ी ही बुरी लालसाओं का कारण फंसिके अजमैश मा पुड़दो।

याकूब 1:13
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