हिमालय

क्या आज हम लोग अपणी बोलि भाषा अर अपणा रीती रिवाजों तैं भुलणा छां?  

हिमालय

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ब्यो
गढ़वाली चित्र

आज को वचन

विश्वासी लुखुं तैं ईं बात कि सुद दिलौ, कि शासकों अर अधिकारियों कु आदर कैरा, अर ऊंका आदेशों कु पालन कैरा, अर दूसरों कु हरेक अच्छा काम कनु कु तैयार रौनु, कै तैं बदनाम नि कैरा; झगड़ा कन वलो नि हो, पर दूसरों का प्रति कृपा दिखौ, अर सब लुखुं का दगड़ा मा नम्र बरतौ कैरा।

तीतुस 3:1
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