हिमालय

क्या आज हम लोग अपणी बोलि भाषा अर अपणा रीती रिवाजों तैं भुलणा छां?  

हिमालय

मेरा उत्तराखण्डी भै-बैणों, गढ़वळी बोलि की ईं वेबसाइड मा हम आप सभ्यों को स्वागत करद्‍या।

हमरि ईं वेबसाइड मा आप तैं हमरि गढ़वळी संस्कृति का बारा मा गढ़वळी गीत अर विडियो

अर गढ़वळी बोलि की वणमाला का बारा मा देखणु कू मिललु।

ब्यो
गढ़वाली चित्र

आज को वचन

किलैकि सूली कि मिसाल त नाश हूंण वला कु मूर्खता च पर हम बचण अर उद्धार पांण वलो कु पिता परमेश्वर की सामर्थ नजदीक च।

1 कुरिन्थियों 1:18
    Terms & Conditions
    Location

    Your encouragement is valuable to us

    Your stories help make websites like this possible.