हिमालय

क्या आज हम लोग अपणी बोलि भाषा अर अपणा रीती रिवाजों तैं भुलणा छां?  

हिमालय

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ब्यो
गढ़वाली चित्र

आज को वचन

“तुम तैं जु चयणु च वे तैं परमेश्वर बट्टी माँगा अर उ तुम तैं दयालो, खुज्येला त पैला, खटखटैल्या त तुम कु खुलै जालो।” किलैकि जु कुई मंगदु च वे तैं मिल्द च अर खुज्योंद च उ पौंदु च अर जु खटखटौंदु च वेको खुलै जालो।

मत्ती 7:7
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